पूर्व आईएएस और पारालिंपिक कमिटि ऑफ झारखंड के अध्यक्ष जटाशंकर चौधरी ने कहा कि झारखंड के दिव्यांग खिलाड़ी अत्यंत ही प्रतिभाशाली हैं। मुझे यकीन ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि एक दिन झारखंड की पहचान इन्हीं प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ियों से होगी और जिस दिन हमारे खिलाड़ी खेल में इतिहास रचने की शुरुआत करेंगे उसी दिन से झारखंड के स्वर्णिम काल की शुरुआत होगी।
मैं झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन से कहना चाहता हूं कि वो और पारालिंपिक कमिटि ऑफ झारखंड अलग इकाई है लेकिन दोनों का लक्ष्य झारखंड को खेल में सर्वोपरि बनाना है इसलिए अगर हम दोनों मिलकर सामंजस्य के साथ कार्य करें तो झारखंड खेल के क्षेत्र में देश में अव्वल हो जाएगा। हमारे दिव्यांग खिलाड़ियों को उनके खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा जिससे परिणाम उत्कृष्ट प्राप्त होगा।
देवघर जिला के गरीब दिव्यांग आदिवासी हरिलाल टुडू ने हैदराबाद में आयोजित आयोजित 25 वें नेशनल पारास्वीमिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीता जो सामान्य घटना नहीं है क्योंकि टुडू पूर्ण ब्लाइंड हैं। उसके इस प्रदर्शन से अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों में भी कुछ विशेष करने का हौसला पैदा होगा। मैं झारखंड के समस्त दिव्यांग खिलाड़ियों के अभिभावकों से अपील करता हूं कि वो अपने बच्चे को लेकर आगे आएं..पारालिंपिक कमिटि ऑफ झारखंड उन्हें उनकी मंजिल पे ले जाने में मदद करेगा। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए पारालिंपिक कमिटि ऑफ झारखंड के मीडिया प्रभारी पंकज धरोहर ने यह जानकारी दी है।
