अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर बड़े-बड़े दावे करते हुए कहा कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति दे दी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जुड़ा एक “बहुत बड़ा तोहफा” अमेरिका को दिया है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि तीन हफ्ते के युद्ध में अमेरिका ने जीत हासिल कर ली है—हालांकि उनके इन बयानों पर कई सवाल उठ रहे हैं।
मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि ईरान “डील करने को बेताब” है। उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, मध्य-पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा सत्ता में “बड़ा बदलाव” हो चुका है। उनके मुताबिक, “असल में यह एक तरह का शासन परिवर्तन है। अब जो नेता हैं, वे पहले जैसे नहीं हैं जिन्होंने समस्याएं पैदा की थीं।” लेकिन ट्रम्प के इस दावे को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह वास्तविकता से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी हो सकती है।
इससे पहले ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की बात कही थी। शरीफ ने इस संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए वार्ता की मेजबानी की भी पेशकश की।
ट्रम्प ने दावा किया, “मैं पहले से कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन उन्होंने मान लिया है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।” यह बयान उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नए सचिव मार्कवेन मुलिन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिया।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक “बहुत बड़ा तोहफा” दिया है, जो तेल और गैस से जुड़ा है और जिसकी कीमत बेहद अधिक है। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि यह तोहफा वास्तव में क्या है।
“उन्होंने हमें एक तोहफा दिया, जो आज मिला। यह बहुत बड़ा था, जिसकी कीमत बहुत ज्यादा है,” ट्रम्प ने कहा। लेकिन इस रहस्यमयी ‘तोहफे’ को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे उनके दावे और भी संदिग्ध लगते हैं।
ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया है। उन्होंने कहा, “मुझे यह कहना पसंद नहीं, लेकिन हमने यह युद्ध जीत लिया है। हम ऐसे देश से लड़ रहे हैं जिसके पास न नौसेना है, न वायुसेना, और हम उनके ऊपर खुलेआम उड़ान भर रहे हैं, वे कुछ नहीं कर सकते।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह “तबाह” कर दिया है। ट्रम्प के मुताबिक, “अगर हमने बी-2 बॉम्बर्स से हमला नहीं किया होता, तो दो हफ्तों में उनके पास परमाणु हथियार होता और वे पूरे मध्य-पूर्व, यहां तक कि इज़राइल पर भी इसका इस्तेमाल कर देते।”
वहीं, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी ट्रम्प की लाइन दोहराते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार किसी आधुनिक सेना को इतनी तेजी और पूरी तरह से नष्ट किया गया है।
हालांकि, ट्रम्प और उनके सहयोगियों के इन दावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह जताया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस सबूत के इस तरह की ‘जीत’ का ऐलान करना और रहस्यमयी ‘तोहफे’ की कहानी गढ़ना, ट्रम्प की पुरानी राजनीतिक शैली का हिस्सा है—जहां हकीकत से ज्यादा शोर-शराबे पर जोर दिया जाता है।

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