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जी समूह के शेयर मनी लॉउन्‍डरिंग के आरोपों के बाद गिरे

मुंबई: जी समूह के बाजार पूंजीकरण (मार्कट कैप) में शुक्रवार को 14,000 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि कंपनी की एंटरटेनमेंट इकाई के शेयरों में उन मीडिया रपटों के बाद 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें बताया गया जी समूह की प्रमोटर कंपनी एस्सेल समूह नोटबंदी के तुरंत बाद कथित धन शोधन में शामिल रही थी। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों में इंट्रा डे कारोबार में 33 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है और यह 26 फीसदी गिरकर 319.35 पर बंद हुआ। 

जी के शेयरों में गिरावट उन रपटों के बाद आई, जिसमें दावा किया गया कि एसएफआईओ (सरकारी संस्था – सीरीयस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस) नित्यांक इंफ्रापॉवर कंपनी की जांच कर रही है, जिसने आठ नवंबर, 2016 को की गई नोटबंदी के तुरंत बाद 3,000 करोड़ रुपये जमा कराए थे। 

इसमें दावा किया गया कि नित्यांक इंफ्रापॉवर और एक कथित सेल कंपनी ने वित्तीय लेन-देन किए, जिसमें सुभाष चंद्रा की अगुवाई वाली एस्सेल समूह से 2015 से 2017 के बीच जुड़ी कुछ कंपनियां भी शामिल थीं। 

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज के शेयरों में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर करीब 31 फीसदी की गिरावट आई और यह 299.92 पर बंद हुआ। यह साल 1999 के बाद से किसी एक दिन में कंपनी के शेयरों में आई सबसे बड़ी गिरावट है।

मीडिया रपट में यह भी दावा किया गया है कि नित्यांक ने इसके अलावा साल 2016 के नवंबर में वीडियोकॉन और एस्सेल समूह के बीच हुए सौदे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

एस्सेल का कहना है कि नित्यांक एक स्वतंत्र कंपनी है, जबकि वीडियोकॉन पर आरोप हैं। 


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