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और तिरस्‍कार बर्दास्‍त नहीं, अब राजस्‍थान से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना ही है लक्ष्‍य: जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र

बाड़मेर: 36 कौम के लोगों के साथ स्वाभिमान का महासंग्राम पचपदरा में हुआ। हजारों समर्थकों के साथ पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पुत्र शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह ने यह कहते हुए भाजपा पार्टी को अलविदा कह दिया कि अब धैर्य की सीमा खत्म हो गई है अब राजस्थान से इस सरकार को उखाड़ कर फैंकना है तभी हमारे तिरस्कार का बदला पूर्ण होगा। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनका साथ देने वाले स्वाभिमानी व्याक्तियों को लगातार प्रताड़ित किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व भाजपा अध्यक्ष ने जब मुझे बुलाया तब मैंने समय-समय पर इनको सारी परिस्थितियों से अवगत करवाया रहा, लेकिन निर्णय लेने वाले जब इस ओर ध्यान नहीं दे और चुप ही रहे तो धैर्य की सीमा अपने आप समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि जो साथी इस स्वाभिमान रैली में नहीं पहुंच पाए हैं तो आप इस स्वाभिमान की भावना को उन तक जरूर पहुंचाए। इस आग को बुझने मत देना, जब तक इसका जवाब हम सभी स्वाभिमानी व्यक्ति नहीं दे देते तब तक। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान का प्रचार करना हमारा धर्म है। स्वाभिमान सभी का अधिकार है। स्वाभिमान को जो चोट 2014 लोकसभा चुनाव में दी है वो चोट लगातार बढ़ती गई है, उस पर मरहम भी किसी और ने नहीं, हमने खुद ने लगाई है।

उस समय हमारी कोई सुनने वाला नहीं था, उसी कारण ये धैर्य समाप्त हुआ है। आज जो यह तूफान आया है वो निश्चित ही जयपुर में गूंजेगा, और आने वालें चुनावों में इसका जवाब हम स्वाभिमानी मिलकर देंगे। इस दौरान हजारों की संख्या में पांडाल में आए स्वाभिमानी लोगों ने किसी एक पार्टी का दामन थामने की बात कही। परंतु मानवेन्द्र सिंह ने भाजपा को अलविदा कह दिया, लेकिन किसी भी पार्टी के साथ जाने की घोषणा नहीं की।

स्वाभिमान रैली को सम्बोधित करते हुए मानवेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी चित्रासिंह ने कहा कि यह स्वाभिमान की क्रांति है। भाजपा सरकार ने चार साल से परेशान किया, अब यह दो महीने की मेहमान हैं। उसके बाद इसे उखाड़ फैंकना है, जिसमें आप सभी 36 कौम के निर्णायक स्वाभिमानी व्यक्तियों को एक साथ मिलकर यह काम करना है। इस सरकार को हटाने के बाद राजस्थान में विकास और खुशहाली लानी है। इस दौरान रावत त्रिभुवन सिंह, आजाद सिंह राठौड़, सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, रघुवीसिंह तामलोर, रामसिंह बोथिया, सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

स्वाभिमान रैली को संबोधित करते हुए जब मानवेन्द्र सिंह यह बोल रहे थे कि 2014 से लेकर आज तक भाजपा ने मुझे बहुत प्रताड़ित व परेशान किया। किसी ने कोई कसर नहीं छोड़ी तो अब धैर्य की सीमा भी खत्म हो गई है। यह बात कहते-कहते वो भावुक हो गए।


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