केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं और इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। करीब एक दशक बाद कांग्रेस फिर से राज्य की बागडोर संभालने जा रही है।
140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 97 सीटों पर जीत दर्ज की है। गठबंधन के भीतर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने 62 सीटें अपने नाम की हैं और एक सीट पर बढ़त बनाई। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को 22 सीटें मिलीं, केरल कांग्रेस (केसी) ने 7 सीटें जीतीं, आरएसपी को 3 सीटें हासिल हुईं, जबकि आरएमपीआई और केसी (जे) को एक-एक सीट मिली।
दूसरी ओर, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। एलडीएफ 35 सीटों तक सिमट गया, जिसमें सीपीएम को 26 और सीपीआई को 8 सीटें मिलीं, जबकि आरजेडी को 1 सीट पर जीत मिली। इस हार के साथ ही देश में किसी भी राज्य में वामपंथी दलों की सरकार नहीं बची, जो पिछले कई दशकों में पहली बार हुआ है। वहीं अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में 5 सीटें गईं।
इस चुनाव में भी मुख्य मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही रहा, जैसा कि केरल की राजनीति में आमतौर पर देखा जाता है।
एलडीएफ की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि गठबंधन अपनी पराजय के कारणों का विश्लेषण करेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा।
यूडीएफ की जीत में आईयूएमएल की अहम भूमिका रही, जिसने रिकॉर्ड 22 सीटें जीतकर गठबंधन को मजबूत बढ़त दिलाई और बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद की।
धर्मडम सीट से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कड़ी टक्कर के बाद जीत हासिल की। शुरुआती चरणों में पीछे रहने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार वी. पी. अब्दुल रशीद को 19,247 वोटों से हराया। विजयन ने इस सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान द्वारा तय प्रक्रिया के तहत जल्द लिया जाएगा और इस पर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने यूडीएफ की इस बड़ी जीत को जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया।
सतीशन ने कहा कि कांग्रेस ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें रिकॉर्ड संख्या में जीत हासिल की है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने यह जीत पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को समर्पित की।
चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी यूडीएफ के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने केरल की जनता का आभार जताते हुए कहा कि राज्य में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, और नई सरकार इन दोनों का बेहतर उपयोग करेगी।
गौरतलब है कि केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें लगभग 79.7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह 1987 के बाद सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इस चुनाव में कुल 863 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 92 महिलाएं शामिल थीं।

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