gujarat-riot_modi

गुजरात दंगा: मोदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 19 नवंबर को

अहमदाबाद: सुप्रीम कोर्ट 2002 गुजरात दंगे के मामले में एक बार फिर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। दिवंगत कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को निचली अदालत की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ याचिका दाखिल ​की थी। शीर्ष अदालत 19 नवंबर को इस मामले की सुनवाई करेगा। 

गुजरात हाइकोर्ट ने एक साल पहले जाफरी की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने 2002 में हुए दंगों के संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को विशेष जांच दल द्वारा दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थ। अदालत ने साफ कर दिया था कि गुजरात दंगों की दोबारा जांच नहीं होगी। 

याचिका में मांग की गई थी कि मोदी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित 59 अन्य को साजिश में कथित रूप से शामिल होने के लिए आरोपी बनाया जाए। याचिका में इस मामले की नए सिरे से जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश की भी मांग की गई।

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2002 को दंगों के दौरान अहमदाबाद के गुलबर्ग सोसाइटी में एक भीड़ के द्वारा एहसान जाफरी सहित कुल 68 लोग मारे गए थे। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 8 फरवरी 2012 को एक क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी, जिसमें नरेंद्र मोदी और 59 अन्य को क्लीन चिट मिल गई थी। फिर निचली अदालत ने भी एसआईटी की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी थी। पिछले 16 वर्षों से गुजरात दंगों और अपने पति की हत्या के खिलाफ लड़ाई लड़ रही जाफरी ने अपने शिकायत में राजनेताओं के अलावा नौकरशाहों, पुलिस और कई निजी लोगों के नाम दर्ज करवाए थे।


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *