रिकॉर्ड मतदान के साथ असम में सियासी संग्राम तेज: BJP की हैट्रिक की कोशिश, कांग्रेस की मजबूत चुनौती

गुवाहाटी, 9 अप्रैल 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 का मतदान गुरुवार को रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के साथ संपन्न हो गया, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। राज्य की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार 84 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में काफी ज्यादा है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मतदान देखने को मिला, जो किसी बड़े और निर्णायक जनादेश की ओर इशारा करता है।

BJP बनाम कांग्रेस: सीधी टक्कर

यह चुनाव मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।

वहीं, कांग्रेस की ओर से Gaurav Gogoi राज्य में पार्टी का नेतृत्व करते हुए मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं। कांग्रेस एंटी-इंकम्बेंसी और स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है।

हाई-प्रोफाइल सीटों पर नजर

इस चुनाव में कई सीटें बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। खासकर जलुकबाड़ी, जो मुख्यमंत्री का गढ़ मानी जाती है, और जोरहाट, जहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जा रही है—इन सीटों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ये सीटें पूरे चुनाव के रुझान तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

शांतिपूर्ण मतदान, कुछ जगह तनाव

कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद राज्यभर में मतदान ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की झड़प और तनाव की खबरें सामने आईं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते हालात को नियंत्रित कर लिया।

राष्ट्रीय राजनीति में अहम

असम का यह चुनाव केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ने वाला है। अन्य राज्यों के चुनावों के साथ मिलकर यह परिणाम आने वाले समय में राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव यह भी तय करेगा कि पूर्वोत्तर में भाजपा का दबदबा बरकरार रहता है या कांग्रेस वापसी करने में सफल होती है।

आगे क्या?

अब सभी की नजरें 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि भाजपा तीसरी बार सरकार बनाती है या कांग्रेस सत्ता में वापसी करती है।

असम विधानसभा चुनाव 2026 में रिकॉर्ड मतदान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता इस बार पूरी तरह सक्रिय और जागरूक है। चुनाव बेहद कड़ा माना जा रहा है और अंतिम नतीजे ही यह तय करेंगे कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी।