राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत के 78 वें साल पर भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग से गांधी स्मृति यात्रा शुरू हो गई। गांधी जी के विचारों को प्रवाहित करने के उद्देश्य से शुरू होने वाली यह यात्रा अभूतपूर्व और समग्र यात्रा होगी। यह स्मृति यात्रा बिहार से शुरू होकर झारखंड के उन विभिन्न जिलों में जाएगी, जहां-जहां 100 साल पहले कभी गांधी जी के चरण पड़े और उनके प्रभावों के अनुरूप आजादी के लिए जन सैलाब उमड़ा। यात्रा सड़क मार्ग से होगी और 6 फरवरी तक चलेगी।
यात्रा दल में शामिल गांधी जी पर विभिन्न महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा नागपुर के कार्यवाहक कुलपति रहे डॉ/प्रो मनोज कुमार, वरिष्ठ गांधीवादी समाजकर्मी और कई गांधी आश्रमों के संस्थापक डॉक्टर मनोज मीता और संपूर्ण देश की कई बार उद्देश्यपरक यात्रा कर चुके वरिष्ठ गांधीवादी पत्रकार प्रसून लतांत को आज तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग में पूर्व कुलपति फारूक अली और गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ अमित रंजन, डॉ मनोज दास, डॉ गौतम, डॉ उमेश प्रसाद नीरज, सीमा और देशराज वर्मा आदि अध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से विदाई दी। यहां से प्रस्थान के बाद यात्री दल के सदस्य गांधी आश्रम, बैजानी और शोभनपुर गांधी आश्रम (बांका) होते हुए देवघर, मधुपुर, धनबाद, कतरास, झरिया, हजारीबाग, गोमिया, रामगढ़, रांची, चक्रधरपुर, चाईबासा, जमशेदपुर, पुरुलिया और जामताड़ा आदि जगहों पर जाएंगे।
यात्रा शुरू होने के पहले गांधी विचार विभाग में आयोजित सभा को ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ जैसे बहुचर्चित पुस्तक के लेखक प्रो पुरुषोत्तम अग्रवाल ने संबोधित संबोधित किया।
यात्री दल के सदस्य कोल्हन विश्वविद्यालय, धनबाद, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, रांची विश्वविद्यालय, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग, सिद्धू कानू विश्वविद्यालय, दुमका में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे और विद्यार्थियों को गांधी जी के विचारों से रूबरू कराएंगे।
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रपट: भागलपुर से मनोज मीता के किसी सहयोगी ने भेजी. साथ लगा फोटो गांधी विचार विभाग, भागलपुर विश्वविद्यालय, कैंपस का है..



