मीनाक्षी मुंडा कहती हैं, “आदिवासी विकास विरोधी नहीं, लेकिन कोई भी अपना घर लुटाकर दान नहीं देता!… ” जाने माने समाजसेवी व शिक्षाविद स्व. भैयाराम मुन्डा की पोती और स्व. रामदयाल मुन्डा की भांजी डॉ मीनाक्षी मुन्डा आदिवासी मुद्दों पर दो बार संंयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनििधित्व कर चुकी हैं। वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में असिस्टेन्ट प्रोफेसर के तौर पर डॉ मीनाक्षी कहती हैं आदिवासियों को उसका वाजिब हक नहीं मिल रहा है। कई गंभीर मसलों पर उनकी टिप्पणी सुनिये इस बातचीत में। इंटरव्यू कर रहे हैं झारखंड के जानेमाने साहित्यकार महादेव टोप्पो। आपसे अनुरोध है कि हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें ताकि आनेवाला वीडियो आपको अतिशीघ्र मिल सके। और हां इस इंटरव्यू पर अपनी राय कमेन्ट सेक्शन में अवश्य दें। धन्यवाद।