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उप्र में 4.79 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश, 600 करोड़ गौशाला के लिए

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार को 4.79 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें किसानों को कृषि विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये और गौशाला बनाने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने तथा युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने का प्रयास किया। 

कृषि विकास योजना के लिए 892 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के लिए 450 करोड़ रुपये और उर्वरकों का गोदाम बनाने के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को जब उर्वरकों की खरीद करनी हो तो उन्हें परेशानी न हो। 

राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में 60.51 लाख क्विंटल बीज और 77.26 लाख मीट्रिक टन (एक मीट्रिक टन में 1,000 किलोग्राम होते हैं) उर्वरक के वितरण का लक्ष्य रखा है। 

इसके आलावा राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की भागीदारी में 40 मंडियों में गोदामों के निर्माण की योजना बनाई गई है और हरेक गोदाम की क्षमता 5,000 मीट्रिक टन होगी। 

राज्य सरकार ने इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में 500 बाजार विकसित करने की योजना बनाई है, जिस पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बजट में गेहूं की खरीद 1,840 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर करने का प्रस्ताव दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कहा कि राज्य के आबकारी विभाग ने एक विशेष सेस (उपकर) लगाया है, जिससे 165 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इस राजस्व को बेघर पशुओं के लिए पशु शेड के निर्माण और रखरखाव में खर्च किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त 247.60 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण इलाकों में गौशालाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए किया गया है। वहीं, 200 करोड़ रुपये का प्रावधान शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला और निराश्रित पशुओं के लिए आश्रय तैयार करने के लिए किया गया है। 

मवेशी परिबंधन घरों की स्थापना और पुननिर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मथुरा में 56 करोड़ रुपये की लागत से एक नई डेयरी की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। 

वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के लिए 6,240 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन के लिए 3,488 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण युवाओं में खेल और रचनात्मक कार्यो को बढ़ावा देने के लिए 25 करोड़ रुपये युवक मंगल दल योजना में लगाए जाएंगे। 

बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और खराब गुणवत्ता वाले गांवों में पाइपों द्वारा पीने का पानी मुहैया कराने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के लिए 2,954 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 1,393 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 429 करोड़ रुपये और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के लिए 224 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

राज्य सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। वहीं, 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए दिया गया है। 

‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

राज्य सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लिए 1,298 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 

‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के लिए 291 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और आयुष्मान योजना से वंचित पात्र लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लिए 111 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, और 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए 47.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

राज्य में 36 नए पुलिस थानों की स्थापना के लिए 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे पुलिस और पीएसी कर्मियों की प्रशिक्षण क्षमता का विस्तार किया जाएगा और नए बैरकों की स्थापना की जाएगी। 

राज्य में अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 3,194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से पूर्वाचल एक्सप्रेसवे के लिए 1,194 करोड़ रुपये, और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1000-1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

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