नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने मंगलवार को नोटबंदी को आजादी के बाद देश का ‘सबसे बड़ा घोटाला’ करार दिया और कहा कि सरकार बदलने के बाद इसकी गहन जांच कराई जाएगी। सिब्बल विपक्षी नेताओं -शरद यादव (लोजद), मनोज झा (राजद) और हेमंत सोरेन (झामुमो) तथा कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल की तरफ से बुलाए गए एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।
सिब्बल ने कहा, “नोटबंदी आजादी के बाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। इसके कारण सौ से ज्यादा मौतें हुईं, कइयों ने आत्महत्या कर ली। कई कंपनियां बंद हो गईं।हजारों लोग बेरोजगार हो गए। अब देश को तय करना है कि कौन चोर है और कौन चौकीदार है, कौन देशभक्त है और कौन देशद्रोही है।”
उन्होंने कहा, “लेकिन यह तय कौन करेगा? चौकीदार नहीं, जनता फैसला करेगी और सरकार बदलने पर हम नोटबंदी की जांच कराएंगे।”
सिब्बल ने 18 मिनट का एक वीडियो क्लिप भी दिखाया, जिसमें एक व्यक्ति ने पांच करोड़ रुपये मूल्य के विमुद्रित नोटों को नए नोट से 40 प्रतिशत कमीशन पर दो हजार रुपये के नोट से बदला और उसे तीन करोड़ रुपये मिले। यह काम उसने अहमदाबाद में एक भाजपा कार्यकर्ता की मदद से किया।
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने दावा किया है कि वह पत्रकारों के एक समूह का हिस्सा है, जो 2016 की नोटबंदी की सच्चाई का पता लगाना चाहते थे और वह किसी राजनीति दल से संबद्ध नहीं है।
वीडियो की प्रामाणिकता के बारे में पूछे जाने पर और वह मिला कहां? सिब्बल ने कहा, “हमने इसे टीएनएन डॉट वर्ल्ड वेबसाइट पर पाया और डाउनलोड किया। हमने इसे आपको दिखाया। लेकिन हम इसकी प्रामाणिकता कैसे जांचेंगे?”
सिब्बल ने कहा कि वीडियो में दिखे अखबारों और पत्रिकाओं से पता चला है कि रुपयों की अदला-बदली संभवत: जनवरी या फरवरी 2017 में हुई थी।
उन्होंने कहा, “वीडियो में दिखाया गया है कि 31 दिसंबर, 2016 के बाद यह लेन-देन हुआ, जब विमुद्रित नोटों की अदला-बदली बंद हो चुकी थी। इससे पता चलता है कि नोटबंदी के दौरान किस तरह धन का दुरुपयोग हुआ।”
आजाद ने कहा कि नोटबंदी के तत्काल बाद नुकसान का कोई सबूत नहीं था, लेकिन अब सबूत इस टेप में मौजूद है।
इस वीडियो के लिए गूगल सर्च करने पर सूचना आती है कि इस पेज के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।