नई दिल्ली: लोकसभा 2019 के चुनाव में दो चरण के सटटा बाजार की खबर ने भाजपा खेमे में खलबली मचा दी है, जहां पहले चरण के मतदान से पहले बाजार के खुलते ही एनडीए को फेवरिट करार दिया गया था वहीं अब इसके भाव में गिरावट आई है। हालांकि अभी भी बाजार के तहत एनडीए सरकार बना रही है,लेकिन पूर्व में दी जा रही 300 सीटों में अब सटोरियों के तहत बीजेपी अपनी सभी गठबंधन की पार्टियों के साथ महज 250 से 270 सीटों पर सिमट रही हैं।
वहीं कांग्रेस के भाव वहीं के वहीं है जबकि पिछली बार से ज्यादा इस बार रीजनल पार्टियों पर पहले से ज्यादा बढ़े हैं। बाजार के तहत पहले बीजेपी को 250 से ज्यादा और एनडीए को 300-310 सीटें मिलने का दावा किया गया है इसके साथ ही बीजेपी को बाजार में फेवरिट बना दिया गया है। लेकिन अब ये भाव एक के बदले 17 पैसे आया है। यानि की भाजपा फेवरेट नहीं रह गई है। सटोरियों के पहले के 100 के मुकाबले अब कांग्रेस 110 सीटों के आसपास रह सकती है।
सटोरियों के मुताबिक ये भाव बाजार के खुलते ही लेकिन बाजार एक समय एक जैसा नहीं होता। सटोरियों के मुताबिक जैसे जैसे चरण सपन्न होगें उसके साथ ही तय होगा कि बाजार किस करवट बदलेगा। हालांकि सटोरियों ने कहा है कि अभी बाजार बदलने के बाद सबसे ज्यादा दांव भाजपा पर ही लगाया जा रहा है।
राजस्थान के फालोडी मार्किट में दो लाख करोड़ का दांव भी लग गया था, लेकिन पहले चरण के बाद अब ये दांव लगभग 4 लाख करोड़ से ज्यादा का हो गया है। उत्तर प्रदेश में सपा बसपा को सटोरियों ने 45-55 सीटों दी हैं,जबकि बीजेपी को वे अब 25 से 30 सीटों पर समेट रहें हैं। पहले चरण के बाद भी कांग्रेस की स्थिति इस राज्य में सबसे खराब दिखाई गई है जबकि शिवपाल और अजित सिंह की पार्टी पर भाव किसी तरह का भाव नहीं लगाया गया।