‘विक्टिम कार्ड’ के बहाने हमला: अमित शाह का ममता बनर्जी पर सियासी प्रहार, सवालों में घिरी BJP की मंशा

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर “विक्टिम कार्ड” की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ 40 पन्नों की “चार्जशीट” जारी की। कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक होटल में दस्तावेज जारी करते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी बार-बार सहानुभूति हासिल करने के लिए खुद को पीड़ित के रूप में पेश करती रही हैं और इस बार भी चुनाव आयोग पर निशाना साधने के लिए वही रणनीति दोहरा रही हैं।

शाह ने 2021 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नंदीग्राम में चोट लगने के बाद ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक सहानुभूति में बदला था। उन्होंने दावा किया कि अब भी वह खुद को असहाय दिखाकर संवैधानिक संस्थाओं, विशेषकर चुनाव आयोग, की आलोचना कर रही हैं, जो बंगाल की राजनीतिक संस्कृति के अनुकूल नहीं है।

गृह मंत्री ने SIR प्रक्रिया में आई समस्याओं के लिए राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण मतदाताओं को भारी परेशानी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में लाखों मतदाता, खासकर महिलाएं और अल्पसंख्यक, सूची से बाहर हो गए। शाह ने यह भी कहा कि तमिलनाडु और केरल जैसे अन्य राज्यों में भी SIR हुआ, लेकिन केवल पश्चिम बंगाल में ही विवाद इतना बढ़ा कि सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करनी पड़ी।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बंगाल में ऐसी स्थिति क्यों बनी और कहा कि जिलाधिकारियों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया, जिसके कारण अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर कुछ वर्गों, विशेषकर महिलाओं, को मतदाता सूची से बाहर किया गया और यह एक तरह का राजनीतिक भेदभाव है।

जारी की गई “चार्जशीट” में भाजपा ने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार, घुसपैठ, तुष्टिकरण, आर्थिक गिरावट और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति जैसे आरोप लगाए हैं। दस्तावेज में राज्य में “भय” का माहौल होने का दावा करते हुए इसके मुकाबले भाजपा ने “भरोसे” की राजनीति का वादा किया है।

शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि Narendra Modi सरकार की नीति घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करने की है और यह एजेंडा आगे भी जारी रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयानबाजी से साफ है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है, जहां एक ओर भाजपा सरकार पर “विक्टिम कार्ड” की राजनीति का आरोप लगा रही है, वहीं तृणमूल चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और मतदाताओं के अधिकारों के हनन का मुद्दा उठा रही है।