नई दिल्ली, 30 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों ने हालिया पेपर लीक मामलों, छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़े घटनाक्रमों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी भी देखने को मिली।
इस बीच सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए वंदे मातरम् से जुड़े संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित करा लिया। सरकार का कहना है कि यह संशोधन राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और अधिक प्रभावी ढंग से संरक्षित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
लोकसभा की कार्यवाही के समानांतर राज्यसभा में भी पेपर लीक से संबंधित मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, जबकि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
मानसून सत्र के दौरान सरकार का फोकस अपने प्रमुख विधेयकों को पारित कराने पर है, जबकि विपक्ष शिक्षा, छात्र आंदोलनों और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में और भी तीखी बहस होने के आसार हैं।

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