रांची। झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे निलंबन समाप्त होने के बाद पुन: शासकीय सेवा में लौट आए हैं। उन्होंने गुरुवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में औपचारिक रूप से योगदान दिया। राज्य सरकार द्वारा जारी निलंबन आदेश की वापसी के बाद यह कदम उठाया गया है।
लंबी कानूनी लड़ाई और विभागीय जांच के बाद आईएएस चौबे की वापसी प्रशासनिक नजरिए से काफी अहम मानी जा रही है।
अदालत से मिली राहत
विभिन्न मामलों में राहत मिलने के बाद आईएएस विनय चौबे की सेवा में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ। शराब नीति मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निर्धारित अवधि में आरोप-पत्र दाखिल न होने के आधार पर उन्हें जमानत प्राप्त हुई।
विभिन्न मामलों में चल रही है जांच
उत्पाद नीति-2022 के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितता और राजस्व हानि के आरोपों को लेकर एसीबी ने मई 2025 में तत्कालीन आबकारी सचिव विनय चौबे को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, हजारीबाग वन भूमि प्रकरण, भूमि हस्तांतरण, आय से अधिक संपत्ति तथा जगन्नाथपुर थाना से जुड़े मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। हजारीबाग प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिल चुकी है।
प्रशासनिक हलचल और भावी भूमिका
1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय चौबे इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, जल संसाधन, योजना-वित्त तथा आबकारी विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाल चुके हैं। धुर्वा स्थित झारखंड मंत्रालय में उनकी वापसी के बाद नई भूमिका को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से उन्हें किसी विशिष्ट विभाग का नया दायित्व सौंपने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, परंतु उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए जल्द ही किसी प्रमुख पद पर तैनाती की संभावना जताई जा रही है।

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