नई दिल्ली। स्पेन के प्रमुख समाचार पत्रों में से एक ‘एल मुंदो’ द्वारा भारत के वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन और मेक्सिको की पत्रकार मार्सेला तुराती को 24वें ‘एल मुंदो इंटरनेशनल जर्नलिज्म अवॉर्ड्स’ के लिए चयनित किया गया है। पुरस्कार चयन समिति (जूरी) ने द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को ‘प्रेस स्वतंत्रता’ की श्रेणी में और मार्सेला तुराती को उनके ‘उत्कृष्ट पत्रकारिता कार्य’ के लिए चुना है। यह सम्मान दोनों पत्रकारों को फरवरी 2027 में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर सिद्धार्थ वरदराजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पुरस्कार भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रयासों को वास्तविक मजबूती प्रदान करेगा।
पुरस्कार का इतिहास और महत्व
‘एल मुंदो’ द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2002 में अपने दो जांबाज पत्रकारों—जोस लुइस लोपेज दे ला काये और जूलियो फुएन्तेस—की स्मृति में की गई थी, जिनकी कर्तव्यपालन के दौरान हत्या कर दी गई थी।
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मान उन विषम परिस्थितियों और दबाव के बीच की जाने वाली साहसी पत्रकारिता को मान्यता देता है, जो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
चयन समिति का वक्तव्य
‘एल मुंदो’ के निदेशक जोआक्विन मानसो की अध्यक्षता वाली जूरी ने वरदराजन के पत्रकारिता करियर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न चुनौतियों, कानूनी जांच और दबावों के बावजूद निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता की राह चुनी। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की मजबूती इस बात पर भी निर्भर करती है कि सत्ता से असहज करने वाले सवाल पूछने का अधिकार सुरक्षित रहे।
वहीं, मेक्सिकन पत्रकार मार्सेला तुराती के संदर्भ में जूरी ने कहा कि उन्होंने ड्रग वॉर और हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की आवाज को निर्भीकता से उठाया है। उनकी पुस्तकें ‘फुएगो क्रूजाडो’ और ‘सैन फर्नांडो: ऊल्तिमा पारादा’ मेक्सिको में पत्रकारों के सामने आने वाले खतरों और प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों को उजागर करने वाले प्रमुख दस्तावेज हैं।

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