BIT मेसरा में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला: आजीविका, उद्यमिता और ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य पर हुआ मंथन

रांची: बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सहयोग से “ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और ज्ञान प्रसार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, आजीविका के नए अवसरों से जोड़ना और उनके बीच ज्ञान के प्रसार को गति देना था।

दीप प्रज्वलन और अतिथियों का सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथियों—श्री अभिषेक चांद (जिला कार्यक्रम प्रबंधक, JSLPS, रांची), श्री अमरेंद्र कुमार सिंह (सचिव, DEVNET NGO, रांची) एवं श्री नदीम अहमद (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, ओरमांझी, रांची) को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला का सफल संयोजन प्रबंधन अध्ययन विभाग की डॉ. सुजाता प्रियंबदा दाश ने किया, जबकि केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. राजेश्वरी चटर्जी ने आयोजन सचिव की भूमिका निभाई।

महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन पर जोर

संयोजक डॉ. सुजाता प्रियंबदा दाश ने स्वागत भाषण में कृषि, सामुदायिक विकास और लघु उद्योगों में ग्रामीण महिलाओं के बहुमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षा, वित्तीय संसाधनों तक पहुंच और निर्णय लेने की क्षमता में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे।

विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार संजय सावर्णी ने प्रतिभागियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त ग्रामीण महिलाएं पूरे समाज में नए अवसरों के द्वार खोल सकती हैं। वहीं, मुख्य अतिथि प्रो. संदीप सिंह सोलंकी (डीन, पोस्टग्रेजुएट स्टडीज, BIT मेसरा) ने कहा कि महिला सशक्तिकरण ही पारिवारिक और सामाजिक विकास की वास्तविक नींव है।

आजीविका और ‘लखपति दीदी’ योजना पर मार्गदर्शन

तकनीकी सत्र में JSLPS के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अभिषेक चांद ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG), ग्राम संगठनों (VO) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, डेयरी, कृषि और अंडा उत्पादन जैसी गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की सलाह दी।

सत्र में सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं और महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने के दूरगामी लक्ष्यों पर भी गहन चर्चा हुई।

मास्टर ट्रेनरों को प्रमाण-पत्र वितरण

DEVNET NGO के सचिव श्री अमरेंद्र कुमार सिंह ने क्षमता निर्माण, वित्तीय समावेशन और महिला नेतृत्व पर प्रकाश डाला, जबकि प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री नदीम अहमद ने ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने हेतु SHG सदस्यों को मार्गदर्शित किया।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य के लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन सचिव डॉ. राजेश्वरी चटर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यशाला का समापन किया।