श्रीकृष्ण बीतक कथा के तीसरे दिन कंस वध, मथुरा गमन व द्वारका लीला का वर्णन

रांची। पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित चार दिवसीय संगीतमय श्रीकृष्ण बीतक कथा महोत्सव के तीसरे दिन भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कथा में साध्वी मीना महाराज एवं साध्वी पूर्णा महाराज ने कंस वध, मथुरा गमन तथा द्वारका लीला का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा वाचक साध्वी मीना महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अधर्म पर धर्म की विजय और सत्य की स्थापना का संदेश देता है। कंस वध प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अत्याचार कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य की ही विजय होती है। इसके बाद उन्होंने गोकुल से मथुरा गमन और द्वारका में सुशासन एवं लोककल्याण की स्थापना से जुड़ी श्रीकृष्ण लीलाओं का मनमोहक वर्णन किया।

भजनों की स्वर लहरियों और ‘जय श्री कृष्णा’ के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि रविवार को कथा के अंतिम दिन उद्धव संवाद, भक्त चरित्र, समापन महाआरती एवं महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।

रिपोर्ट: सिद्धाथ पाण्‍डेय / संगीता पाण्‍डेय

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