‘ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, कई राज्य के चुनाव रद्द हों’: केजरीवाल ने CEC पर लगाया बड़ा आरोप


नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त की तुरंत गिरफ्तारी और उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग उठाई है कि तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए और एसआईआर (SIR) के तहत किए गए सभी बदलावों को रद्द किया जाए।

वोटों की चोरी के सरगना हैं मुख्य चुनाव आयुक्त: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में लंबे समय से वोटों की चोरी के आरोप लग रहे थे, लेकिन मीडिया में आई रिपोर्ट ने इसे साबित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे वोटों की चोरी के खेल के ‘सरगना’ ज्ञानेश कुमार हैं। केजरीवाल के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से देश भर से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से हटा दिए गए।

विगत में हुए चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग
‘आप’ प्रमुख ने मांग की है कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और मध्य प्रदेश में हुए सभी चुनावों को तुरंत रद्द किया जाए और नए सिरे से मतदान कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में जनमत के साथ बड़ा घोटाला किया गया है।

‘चुनाव आयोग का मतलब तीन लोग, अकेले फैसले लेना असंवैधानिक’
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग किसी एक व्यक्ति की संस्था नहीं है, बल्कि इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो अन्य चुनाव आयुक्त (सदस्य) शामिल होते हैं। सभी फैसले तीनों की सहमति और बैठक के बाद ही लिए जा सकते हैं।

केजरीवाल ने दावा किया कि चुनाव आयोग के सदस्य संधू और जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कई बार लिखित शिकायत दी कि उनके अप्रूवल के बिना आदेश, सर्कुलर और आईटी मॉड्यूल जारी किए जा रहे हैं। महीनों तक आयोग की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई और मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले ही गैर-कानूनी तरीके से फैसले लेते रहे, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।

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