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भारतीयों की आयु घटी: देश में पांच साल कम तो दिल्ली में नौ और लखनऊ में 10 साल: अध्‍ययन

नई दिल्ली: भारत में हवा की गुणवत्ता पिछले कुछ सालों में लगातार बद्तर हुई है। मौजूदा वक्त की बात करें तो भारत में एयर क्वालिटी दुनिया में दूसरी सबसे खराब है। इससे देश में रहने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा या संभावित आयु (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) 5.2 साल तक घट रही है। एक नए एनालिसिस में कहा गया है कि भारत में 1998 के बाद से अब तक प्रदूषण का स्तर 42 फीसदी तक बढ़ चुका है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की ओर से की गई एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की स्टडी में 2018 के प्रदूषण के स्तर को बेस माना गया है। इसी आधार पर कहा गया है कि एक औसत दिल्लीवासी हवा की खराब गुणवत्ता की वजह से अपने जीवन के 9.4 साल गंवा रहा है। स्टडी में कहा गया है कि अगर भारत में हवा की गुणवत्ता बनाए रखने से जुड़े राष्ट्रीय मानकों का भी ठीक ढंग से पालन हो, तो दिल्लीवासियों के जीवन में खोए हुए 6.5 साल तक जुड़ सकते हैं।

स्टडी में दावा किया गया है कि भारत की 84 फीसदी आबादी उन इलाकों में रहती है, जहां हवा की गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों (40 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर) से ज्यादा खराब है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों (10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर) को आधार बना लिया जाए, तो देश की लगभग पूरी आबादी ही खराब हवा में सांस ले रही है। इसके चलते एक औसत भारतीय की जीवन प्रत्याशा करीब 5 साल तक कम हो रही है। दूसरी तरफ हवा की गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से भी मानें, तो भारतीयों का जीवन 2.3 साल तक कम हो रहा है।

स्टडी में आगे कहा गया है कि मौजूदा हालात में उत्तर भारत के करीब 24.8 करोड़ लोग अपने जीवन के 8 साल तक गंवा सकते हैं। भारत में लखनऊ को वायु प्रदूषण में सबसे निचले स्थान पर रखा गया है। यहां हवा की गुणवत्ता विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 11 गुना ज्यादा खराब है। इस लिहाज से शहर में रहने वाले लोग अपने जीवन के 10.3 साल गंवा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली में खराब हवा की वजह से लोगों की उम्र औसतन 9.4 साल तक घट रही है।

राज्यों की बात करें तो बिहार और पश्चिम बंगाल के लोग भी मौजूदा एयर क्वालिटी की वजह से कई नुकसान उठा रहे हैं। अगर यहां की हवा में WHO के मानकों के तहत बदलाव आता है, तो लोगों की जिंदगी में 7 साल तक जुड़ सकते हैं, वहीं हरियाणा में लोगों के जीवन में 8 साल तक की वृद्धि हो सकती है।


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