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बेटियों के सम्मान में हुआ बेटियों का अपमान?

गिरिडीह: बेटियों के सम्मान में गिरिडीह जिला मुख्यालय के झण्डा मैदान में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता समारोह में बेटियों का अपमान किया गया। बेटियों का यह अपमान शासन-प्रशासन के काला कपड़े के खौफ के कारण हुआ। राज्य के उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल के छह जिले हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, चतरा, रामगढ़ एवं गिरिडीह से आयी वैसी बेटियों व महिलाओं को कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश नहीं मिला जो काला दुपट्टा, स्कॉर्ट, मफलर, स्वेटर, जर्सी, टी सर्ट पहन रखी थी। इन्हें काली पोशाक उतरवाने के बाद कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया गया। पुरूषों को गेट पर ही रोक दिया गया था। आम लोगों के लिए इस समारोह में प्रवेश झंडा मैदान के सर जेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय की ओर बने गेट से हो रहा था। वहां सभी मेटल डिटेक्टर मशीन से गुजर कर अंदर प्रवेश की व्यवस्था थी। यहीं पर पुलिस काले दुपट्टे, शॉल, बुरका या कपडे पहने लोगों को रोक रही थी। साथ ही पुलिस कर्मी लड़कियां और महिलाओं के काले रंग के दुपट्टों व शॉल उतरवा लिए। गेट के पास बने बेरिकेटिंग के बांस पर उतरवाए गए दुपट्टों, शॉल व बुरकों को बेतरतीब तरीके से टांग दिया गया था। जिस तरह से उतरवाए गए कपड़ों को टांगा गया था उससे खुद काले कपड़ों की सार्वजनिक नुमाइश हो रही थी। इस बावत गावां से आयी एक महिला ने बताया कि उनका दुपट्टा काला था जिसके कारण गेट पर ही सुरक्षा कर्मियों ने रखवा लिया। अगर पहले पता होता कि काला पकड़ा पहन कर नहीं आना है तो वे दूसरी पोशाक में आती। ऐसे में उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है। कई मुस्लिम महिलाएं जो अपनी बेटियों के साथ बुरका पहन कर आयी थी उन्हें भी रोक दिया गया। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि उन लोगों को उपर से आदेश मिला है कि काला पौशाक पहन कर किसी को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं करने देना है। हमलोग आदेश का पालन कर रहे हैं जबकि दूसरी और कार्यक्रम में अनेक नेता व आला अधिकारी काला पेंट व काला कोर्ट पहन कर आए थे। सवाल यह है कि क्या आम लड़कियों व महिलाओं से शासन व प्रशासन को इतना खतरा है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह उन्हें अपमानित करें। यह अधिकार सरकार और प्रशासन को किसने दिया। अगर ऐसा ही था तो समारोह से पहले पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए दिशा-निर्देस जारी करना चाहिये था।हि० स० / कमल 

बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक का सहारा है सुकन्या योजना : रघुवर
उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल स्तरीय मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता समारोह संपन्न 
गिरिडीह : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना झारखण्ड की बेटियों के लिए जन्म से लेकर विवाह तक का सहारा है। पूरे राज्य में प्रथम चरण में इस योजना के तहत 27 लाख बच्चियों को इसका लाभ मिलने जा रहा है। सीएम श्री दास रविवार को गिरिडीह झण्डा मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के प्रमण्डल स्तरीय जागरूकता समारोह का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना से न सिर्फ राज्य की बेटियां आत्मनिर्भर होगी बलिक भ्रुण हत्या व बाल विवाह पर भी रोक लगेगी। उन्होने कहा कि इस योजना के तहत बेटियों को छह चरणों में चालीस हजार का भुगतान किया जाएगा जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में भी सातवीं के बाद जो बच्चियां स्कूल जाना बंद कर देती थी उन्हें आगे की पढ़ाई में योजना से प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए जिलों में सखी मंडल का गठन कर महिलाओं को सशक्त बनाने की योजना को भी सरजमीन पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में भ्रुण हत्या पर रोक लगाने के कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिस अस्पताल में अलट्रासाउण्ड मशीन के जरीए भ्रुण हत्या किए जाने के मामले आएंगे उसके अस्पताल के प्रबंधन व डॉक्टर को जेल भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा कर पिछली सरकारों पर तंज करसा और कहा कि 14 सालों तक रही गठबंधन की सरकारों ने राज्य में कुशासन के अलावा कुछ नहीं दिया और जब 2014 में राज्य की जनता ने भाजपा पर विश्वास व्यक्त कर पूर्ण बहुमत की सरकार दी तो हमने राज्य की जनता को ठगा नहीं। पूरे साढ़े चार साल तक हमारी सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ। जनता के समक्ष बेदाग सरकार का उदाहरण प्रस्तुत कर हर वर्ग के लिए विकास के काम किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास कर हर घर में विकास की रोशनी पहुंचाने का काम किया। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग अंतर्गत आने वाले जिले हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, चतरा, रामगढ़ एवं गिरिडीह से आए बच्चियों के बीच प्रमाण पत्र वितरण किए गए। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री अमर बाउरी, विभागीय सचिव अमिताभ कौशल, गिरिडीह सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, कोडरमा सांसद रवींद्र कुमार राय, गाण्डेय विधायक प्रो. जयप्रकाश वर्मा, गिरिडीह विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, जमुआ विधायक केदार हाजरा समेत अन्य उपस्थित थे। स्वागत भाषण विभागीय सचिव अमिताभ कौशल ने दिया जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त गिरिडीह राजेश कुमार पाठक ने किया।


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