गैस पाइप फटने से झुलसे दिनेश्वर रविदास की इलाज के दौरान मौत 

गिरिडीह: सरिया थाना क्षेत्र के नगर केशवारी गांव में बीते 1 दिसंबर की शाम भोजन बनाने के क्रम में उज्जवला योजना के तहत परिजनों को उपलब्ध कराया गया एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर में लगा पाइप के अचानक फट जाने से भोजन पका रही देवंती देवी उसके चपेट में आ गई। शरीर  के कपड़े जलने लगे शोरगुल करने पर उसके घर का अन्य सदस्य सुनील रविदास, झम्मन रविदास तथा  दिनेश्वर रविदास बचाने के लिए गया। जहां  गैस पाइप में लगे आग के शोले ने इन सबों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आनन-फानन में सभी चारों जले हुए परिवार के सदस्यों को प्राथमिक उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र बगोदर ले जाया गया था। जहां प्राथमिक उपचार के बाद बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया। परंतु आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें रिम्स रांची में इलाज कराया जाने लगा। जिस दौरान रविवार की देर रात दिनेश्वर रविदास 35 की मौत हो गई। वहीं घटना की सूचना पाते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इकलौता कमाऊ सदस्य होने के कारण लोगों के बीच 2 जून रोटी की भी समस्या उत्पन्न हो गई परिजन व बच्चे रोने चीखने चिल्लाने लगे। मौत की सूचना पाकर स्थानीय पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मण मंडल, मुखिया सविता देवी, शिवधन मंडल, चिंतामणि मंडल, नरेश मंडल, लोकनाथ मंडल, बबलू मंडल, हेमलाल मंडल, श्याम रविदास, जमुनादास, लक्ष्मण दास, केदार मंडल सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित हो गए। तथा परिजनों को सांत्वना दिया इस संबंध में परिजनों ने बताया कि पीड़ित लोगों का प्राथमिक इलाज के पश्चात उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया जहां अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी जले हुए व्यक्तियों के लिए 25 ₹25000 जमा करने की बात कही परंतु गरीब परिवार से जुड़े होने के कारण पैसे देने में अक्षम साबित हुए पश्चात उन्हें रिम्स रांची में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान दिनेश्वर रविदास की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोगों का इलाज चल रहा है। इस संबंध में पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मण मंडल तथा मुखिया प्रतिनिधि शिवधन मंडल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे आयुष्मान भारत योजना फेल साबित हो रही है। इसका जीता जागता उदाहरण बोकारो जनरल अस्पताल है। जहां पीड़ित परिवार द्वारा काफी अनुनय विनय करने के बावजूद भी उस योजना का लाभ इन्हें नहीं दिया गया। सरकार से लोगों ने मांग किया कि उक्त योजना का लाभ किन-किन अस्पतालों में मिलेगा इस को चिन्हित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करें। वहीं लोगों ने मांग किया है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले तथा बी जी एच प्रबंधन पर आवश्यक कार्रवाई करे। इधर अनुमंडल पदाधिकारी राम कुमार मण्डल ने उक्त घटना को लेकर संवेदना प्रकट किया है।कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा अंचल में अबतक आवेदन नहीं दिया गया है।आवेदन मिलने पर उपायुक्त गिरिडीह से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने पर पहल की जाएगी।


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