तेहरान: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को आर-पार की लड़ाई लड़ने की सीधी चुनौती दी है। ईरान की ‘सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ के सचिव मोहसिन रज़ाए (Mohsen Rezaei) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा है कि यदि अमेरिका अपने सैन्य अभियानों और दावों को लेकर वाकई गंभीर है, तो वह केवल हवाई हमलों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी सेना को ज़मीन पर उतारे।
“ऊपर से बम गिराकर जंग नहीं जीती जा सकती”
हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर फिर से हवाई हमले किए जाने की आशंकाओं के बीच मोहसिन रज़ाए ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “अगर अमेरिकी सीरियस हैं तो उनके सैनिक आएं और ईरान के भीतर घुसें। वे सिर्फ आसमान से बम गिराकर क्यों चले जाते हैं? किसी भी युद्ध में आखिरकार ज़मीनी सेना की भूमिका ही सबसे अहम होती है। केवल ऊपर से बम फेंककर लड़ाई नहीं जीती जा सकती।”
बैठक की खबरों के बाद आया कड़ा बयान
मोहसिन रज़ाए का यह बयान ईरानी सेना की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ने यूरोप में कुछ क्षेत्रीय देशों के साथ बैठक कर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई है। रज़ाए ईरानी सत्ता के शीर्ष अधिकारियों में शामिल हैं; उन्हें मार्च में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का सैन्य सलाहकार नियुक्त किया गया था और अगस्त से वे देश की सुरक्षा परिषद के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सात महीनों से जारी है गतिरोध
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका गठबंधन द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है। यद्यपि अमेरिका ने लगातार हवाई हमले किए हैं, लेकिन उसने ज़मीनी स्तर पर सैनिक भेजने से परहेज़ किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। हालांकि 18 जून को दोनों देशों के बीच एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में संघर्ष पूरी तरह से शांत नहीं हो पाया है।

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