वॉशिंगटन/तेहरान: महीनों से जारी भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बीच आज दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के अस्थाई युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से मिले ’10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव’ के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे एक “व्यावहारिक आधार” बताते हुए संकेत दिया है कि भविष्य में एक स्थायी समझौता संभव है।
युद्धविराम के बीच लेबनान में कोहराम
भले ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच सीधी जंग पर कुछ समय के लिए ब्रेक लगा हो, लेकिन लेबनान में हालात अभी भी बेकाबू हैं। इजरायल ने अपने “ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस” को रोकने से इनकार कर दिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में हुई भारी बमबारी में बीते 24 घंटों में 254 लोगों की मौत हो गई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम लेबनान के मोर्चे पर लागू नहीं होता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर सुरक्षा अलर्ट
युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बरकरार है। समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) के खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नई एडवायजरी जारी की गई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में अपनी स्थिति बनाए रखेगी और यदि बातचीत विफल होती है, तो परिणाम “पहले से भी अधिक भयानक” होंगे।
अगला पड़ाव: इस्लामाबाद में बातचीत
कूटनीतिक गलियारों में अब सबकी नजरें पाकिस्तान के इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहाँ शनिवार को दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के बीच अगले दौर की वार्ता होने की उम्मीद है। इस बीच, इराक ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे मध्य-पूर्व में फिर से शांति बहाल होगी।

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