रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। राज्य के बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराने के संकल्प के साथ सरकार ने इस योजना के लिए 4,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। वर्तमान में राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 6 लाख आवासों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
3 कमरों का मिलेगा पक्का मकान
केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए परिवारों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई इस योजना में लाभार्थियों को 3 कमरों वाला पक्का मकान दिया जा रहा है, जिसमें एक रसोईघर (Kitchen) और स्वच्छ शौचालय की सुविधा भी शामिल है। योजना के तहत प्रति लाभार्थी 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते (DBT) के माध्यम से चार किस्तों में प्रदान की जा रही है।
रोजगार और अतिरिक्त सहायता
आवास निर्माण के साथ-साथ सरकार लाभार्थियों को आर्थिक संबल भी दे रही है। योजना के तहत घर बनाने वाले परिवार मनरेगा के माध्यम से 90 से 95 दिनों की मजदूरी का लाभ भी उठा सकते हैं, जिससे उन्हें लगभग 25,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता मिल रही है।
पारदर्शिता पर जोर
सरकार का लक्ष्य साल 2026 तक राज्य के कुल 20 लाख पात्र परिवारों को आच्छादित करना है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ शिविरों से आए आवेदनों का ग्राम सभा के माध्यम से भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, मानसून से पहले अधिकतम घरों की छतों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि गरीब परिवारों को बारिश के मौसम में परेशानी न हो।
