रांची, 3 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने झारखंड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) आधारित कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंडिया एआई मिशन के तहत राज्य के आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में 11 डेटा एवं एआई लैब स्थापित करने की मंजूरी दी है। इनमें से 6 संस्थानों की पहचान भी कर ली गई है। इसके साथ ही झारखंड को 2 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI-CoEs) तथा 8 इंडियाएआई फेलोशिप भी प्रदान की गई हैं।
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंडियाएआई मिशन के फ्यूचर स्किल्स पिलर के तहत स्थापित होने वाली डेटा एवं एआई लैब्स में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन तथा एप्लाइड डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है।
उन्होंने बताया कि इंडियाएआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर के अंतर्गत झारखंड को दो एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आवंटित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से राज्य में क्षेत्रीय एआई नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को मजबूत किया जाएगा तथा स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार ने यह भी बताया कि इंडियाएआई फेलोशिप कार्यक्रम के तहत झारखंड को अब तक कुल 8 फेलोशिप मिली हैं, जिनमें 2 स्नातक स्तर और 6 पीएचडी अनुसंधान फेलोशिप शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य देशभर में एआई अनुसंधान को बढ़ावा देना और भविष्य के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
लिखित उत्तर के अनुसार, भारत की एआई रणनीति 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संभावित वार्षिक राजस्व तथा 60 लाख प्रशिक्षित कार्यबल की क्षमता वाले देश के आईटी क्षेत्र पर आधारित है। केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2024 को 10,371.92 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ पांच वर्षों के लिए इंडियाएआई मिशन को मंजूरी दी थी। यह मिशन सात प्रमुख स्तंभों—इंडियाएआई कंप्यूट, इंडियाएआई फाउंडेशन मॉडल, एआईकोश (डेटासेट प्लेटफॉर्म), इंडियाएआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (IADI), इंडियाएआई फ्यूचर स्किल्स, इंडियाएआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई—के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि इंडियाएआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (IADI) के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 11 राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज आयोजित किए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने केंद्र सरकार से यह जानकारी मांगी थी कि गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए झारखंड को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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