रांची 07 अगस्त 2026: नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने के कारण पुलिसिया कार्रवाई और उत्पीड़न सहने के बाद भी गाज़ियाबाद के लॉ स्टूडेंट मोहम्मद जुनैद मलिक के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। वे अब झारखंड की राजधानी रांची पहुँचकर उन युवाओं और अभ्यर्थियों का सहारा बन रहे हैं, जो राज्य में भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले दो हफ़्तों से आंदोलनरत हैं।
दिल्ली में 35 दिनों तक खिलाया खाना, सहा उत्पीड़न
30 वर्षीय जुनैद मलिक (LLB छात्र) ने दिल्ली में करीब 35 दिनों तक प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। इस दौरान उन्हें पुलिस की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने बयान में जुनैद ने बताया कि पुलिस ने उन्हें छह घंटे तक हिरासत में रखा, डराया-धमकाया और उत्तराखंड स्थित उनके परिवार को भी परेशान किया। इसके बावजूद, वे सामाजिक सरोकार और छात्रों की मदद के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे।
रांची में संभाली कमान, बांटी वेज बिरयानी
रांची पहुँचे जुनैद मलिक ने तुरंत ही प्रदर्शनकारियों के लिए नाश्ते और भोजन की व्यवस्था संभाल ली है। उन्होंने बताया,
“हम यहाँ प्रदर्शनकारियों के लिए सही खाना और अन्य ज़रूरी सुविधाएँ सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक सामूहिक प्रयास है, सिर्फ़ जुनैद का काम नहीं। दिल्ली से हमारी पूरी टीम यहाँ मौजूद है और अन्य लोग भी जुड़ रहे हैं। आज शाम हम छात्रों के लिए वेज बिरयानी का इंतज़ाम कर रहे हैं।”
जुनैद ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, उनकी टीम इस संघर्ष में अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील: “छात्रों की माँगों पर ध्यान दे सरकार”
प्रदर्शन स्थल की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए जुनैद ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा,
“बारिश के कारण प्रदर्शन स्थल पर पानी भर गया है, जिससे डेंगू व अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। यह समय इन युवाओं की पढ़ाई का बेहद कीमती समय है। आखिर उन्हें सड़कों पर अपना समय गँवाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की बात सुनकर जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए।”
14वें दिन भी जारी रहा आंदोलन, 6 छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले 25 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। यह हाल के वर्षों में झारखंड का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बनकर उभरा है।
भूख हड़ताल: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से उपवास पर हैं। मंगलवार रात दो महिलाओं समेत पांच अन्य अभ्यर्थी भी उनके साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हो गए।
तबीयत बिगड़ी: लगातार उपवास के कारण एक प्रदर्शनकारी की स्थिति बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
वार्ता के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित, पर औपचारिक न्योते का इंतजार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने गुरुवार को गतिरोध समाप्त करने हेतु 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। हालांकि, अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से वार्ता के लिए अभी तक कोई औपचारिक निमंत्रण प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे गतिरोध बरकरार है।

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