झारखंड के मंत्री सुदिप्य कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन

गिरिडीह । झारखंड में सतारूढ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के कविना मंत्री, पार्टी संगठन के रणनिति कार और विषम स्थितियों सरकार और संगठन के सटिक सलाहकार रहे गिरिडीह विस क्षेत्र में जननेता के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय रहे । सुदिप्य कुमार सोनू का दिल का दौरा पड़ने से रविवार तड़के निधन होगया । वे 55 वर्ष के थे। वे अपने पिछे पत्नी स्वेता शर्मा , दो पुत्रिया एक पुत्र समेत भरा पूरा परिवार छोड गये । मर्शी अस्पताल मै अंतिम सांस लेने की पृष्टि डाक्टरों ने की। बताया गया कि मंत्री सुदिव्य कुमार को शनिवार देर रात अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मर्शी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उन्हे बचाया नही जा सका । उनके निधन की खबर से गिरिडीह समेत झारखंड के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनके असमायिक निधन पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार , मुखमंत्री हेमंत सोरेन , नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ,विस स्पीकर समेत राज्य भर में विभिन्न राजनेतिक दलों , समाज सेवी संगठनो , व्यवसायिक संगठनो से जुड़े गण्य माण्य लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।

राजकीय सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई में शामिल हुए राज्यपाल , मुख्यमंत्री , विस स्पीकर व अन्य मंत्री


झारखंड के राज्यपाल ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर लिखा की राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है. उनका निधन राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है. ईश्वर शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सुदिव्य कुमार सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे. झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित सिपाही के तौर पर उन्होंने अपना जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया. हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंडियत के प्रति सुदिव्य कुमार सोनू का समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी ।
मुख्यमंत्री नेआगे कहा कि सोनू भैया का स्नेह, उनका संघर्ष और झारखंड के लिए उनकी प्रतिबद्धता जीवनभर उनके साथ रहेगी. भावुक संदेश के अंत में सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा ‘सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. आपकी कमी हमेशा महसूस होगी ।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुःख जताते हुए कहा कि निधन की खबर से अत्यंत व्यथित है. वे कुशल जनप्रतिनिधि एवं जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे. उनका निधन झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें । केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी , राज्य सभा सांसद डा सरफराज अहमद ने अपने शोक संवेदना में कहा कि झारखंड ने एक प्रखर राजनेता और व्यवहार कुसल जनप्रतिनिधि खो दिया जिसकी भरपायी काफी किठिन है। दरअसल स्मृतिशेष दिशोमगुरु के सानिध्य में जेएमएम के बैनर तले सक्रिय राजनीति में आए दिवंगत सुदिप्य कुमार ने गिरिडीह सदर सीट से वर्ष 2009 में पहला और 2014 में इसी सीट पर दूसरा चुनाव लड़ा पराजय का सामना करना पडा । तिसरी बार 2019 सदर विस से जीते फीर 2024 में दूसरी दफे जीते और हेमंत सारेन मंत्री मंडल में कई प्रमुख विभागों के मंत्री बने ।झारखंडी जननेता के रूप लोगों के दिलो में रचे बसें दिवंगत मंत्री सुदित्य कुमार की लोगों के बीच लोकप्रियता का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि निधन की सूचना पर सुबह चार बजे से ही मर्शी अस्पताल के बाहर अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड जुटी जिसमे हर वर्ग के आम और खास शामिल थे। लगभग 7-30 बजे शव वाहन पर रखकर उनके शव को निजी आवास उत्सव उपवन के लिए रवाना किया गया । रास्ते में सबसे पहले कुछ देर के लिए जेएमएम के जिला कार्यालय लाया गया जहा जिला अध्यक्ष संजय सिंह समेत सैकडों लोगों ने श्रद्धांजली दी । अंतिम सांस्कार दोपहर बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उसरीनदी हरसिंग रायडीह श्मशान घाट में किया गया l उत्सव उपवन में अंतिम दर्शन कर श्रृद्धाजंली देने पहुंचे महामहीम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार , मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन , विधान सभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो , केन्दीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी , मंत्री डा इरफान अंसारी , विद्यायक कल्पना सोरेन ने परिजनों को ढांढस बधाया ।श्रृद्धाजंली देने के लिए विभिन्न दलो के सांसद विधायक समेत हजारों की संख्या में आम और खास शामिल थे।
दिवंगत जननेता के उत्सव उपवन से मुक्तिधाम तक की अंतिम यात्रा के दौरान सड़क के दोनो तरफ हजारों की संख्या में महिला पुरुष युवा खड़े थे। और सभी की आंखे नम थी।
दिल को झकझोर देने वाला सबसे भावुक क्षण तब आया जब दिवंगत पिता के पार्थिव नश्वर शरीर को 12 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार ने मुखाग्नी की रश्म पूरी की और इसके साथ हि चारो और भाई सुदित्य अमर रहे अमर रहे के स्वर गुंजने लगे।

  • रिपोर्ट: कमलनयन (गिरिडीह से)