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चिराग पर मोदी की चुप्‍पी से नितीश परेशान!

सासाराम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार चुनाव के लिए सासाराम में अपनी पहली रैली की है। इस रैली में पीएम मोदी ने न सिर्फ विपक्ष पर जमकर हमला बोला बल्कि उन्होंने विपक्षी नेता की तारीफ कर RJD से नाराज वोटों को भी NDA में लाने का मास्टर स्ट्रोक लगा दिया है। लेकिन इस रैली की सबसे बड़ी बात ये रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिराग पासवान के रुख पर कोई भी टिप्पणी नहीं की। देखिए पीएम मोदी के भाषण की दस बड़ी बातें।

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत में रामविलास पासवान की तारीफ की और उन्हें श्रद्धांजली भी दी। लेकिन इस पूरे भाषण में उन्होंने चिराग पासवान या LJP के बारे में या फिर खिलाफ में कुछ भी नहीं कहा। ऐसे में चिराग को लेकर बीजेपी के स्टैंड पर कन्फ्यूजन बरकरार ही रह गया।

रामविलास के साथ पीएम मोदी ने रघुवंश प्रसाद सिंह को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा ‘ बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है… पहली उन्हें जिन्होंने यहां के लोगों की दशकों तक सेवा की, रामविलास पासवान… वो आखिरी सांस तक मेरे साथ रहनेवाले। रघुवंश प्रसाद सिंह ने गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया। उन्हें भी श्रद्धांजलि देता हूं।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टी खास तौर से आरजेडी पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो दिन जब सूरज ढलने का मतलब होता था, सब कुछ बंद हो जाना, ठप्प पड़ जाना। आज बिजली है, सड़के हैं, लाइटें हैं और सबसे बड़ी बात वो माहौल है जिसमें राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे रह सकता है, जी सकता है। जिन लोगों ने सरकारी नियुक्तियों के लिए बिहार के नौजवानों से लाखों की रिश्वत खाई, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे?

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बिहार के लोगों ने RJD-कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया, नीतीश जी को मौका दिया तो ये बौखला गए। इसके बाद दस साल तक इन लोगों ने यूपीए की सरकार में रहते हुए बिहार पर, बिहार के लोगों पर अपना गुस्सा निकाला। आज NDA के सभी दल मिलकर आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी बिहार के निर्माण में जुटे हैं। बिहार को अभी भी विकास के सफर में मीलों आगे जाना है। नई बुलंदी की तरफ उड़ान भरनी है।

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार अब विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है, अब बिहार को कोई बीमारू, बेबस राज्य नहीं कह सकता। लालटेन का जमाना गया। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे। दुनिया के बड़े-बड़े अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम न हुआ होता तो ये महामारी न जाने कितने साथियों की, हमारे परिवारजनों की जान ले लेती, कितना बड़ा हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के विकास की हर योजना को अटकाने और लटकाने वाले ये लोग हैं जिन्होंने अपने 15 साल के शासन में लगातार बिहार को लूटा। आपने बहुत विश्वास के साथ सत्ता सौंपी थी लेकिन इन्होंने सत्ता को अपनी तिजोरी भरने का माध्यम बना लिया। इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा। इनका ध्यान रहा है अपने स्वार्थों पर, अपनी तिजौरी पर। यही कारण है कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क, पानी जैसी मूल सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। लेकिन नीतीश का विकास विपक्ष को हजम नहीं हो रहा।

महागठबंधन सरकार के 18 महीने में RJD ने क्या किया, ये किसी से छिपा नहीं है। वो (महागठबंधन) फिर बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटने का इंतजार देश बरसों से कर रहा था या नहीं। ये फैसला हमने लिया, एनडीए की सरकार ने लिया। लेकिन आज ये लोग इस फैसले को पलटने की बात कर रहे हैं। ये कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल-370 फिर लागू कर देंगे। मैं बिहार की भूमि से इन लोगों को एक बात स्पष्ट कहना चहता हूं- ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा। भारत अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।

सासाराम में पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के सपूत गलवान घाटी में तिरंगे के खातिर शहीद हो गए, लेकिन भारत मां का माथा नहीं झुकने दिया। पुलवामा हमले में भी बिहार के जवान शहीद हुए, मैं उनके चरणों मे शीश झुकाता हूं और उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं बिहार के लोगों को इतनी बड़ी आपदा का डटकर मुकाबला करने के लिए बधाई देना चाहता हूं। कोरोना से बचने के लिए तेजी से जो फैसले लिए गए हैं। जिस तरह बिहार के लोगों ने काम किया, नीतीश कुमार सरकार ने, NDA सरकार ने काम किया उसके नतीजे आज दिख रहे हैं।

कोरोना महामारी के चलते दुनिया के बड़े-बड़े अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम न हुआ होता तो ये महामारी न जाने कितने साथियों की, हमारे परिवारजनों की जान ले लेती, कितना बड़ा हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। लेकिन सरकार और बिहार के लोगों ने इस महामारी का विजेता की तरह मुकाबला किया है।


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