RJD ने JDU को दिया साथ आने का न्योता, JDU ने किया खारिज

बिहार की राजनीति में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर एक बार फिर साथ मिलकर सरकार बनाने का न्योता दिया है। RJD के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि JDU और RJD दोनों ही समाजवादी विचारधारा की पार्टियां हैं और इनकी राजनीति का आधार एक ही है।

भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि वर्तमान NDA सरकार ‘नागपुर’ के इशारे पर चल रही है और बिहार में किसी भी कीमत पर UCC को लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि वे भाजपा का साथ छोड़कर सामाजिक न्याय के मंच पर वापस आएं और बिहार में नई सरकार का गठन करें। RJD नेता ने यह दावा भी किया कि JDU के आसपास मौजूद कुछ लोग पार्टी और मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

JDU ने प्रस्ताव को सिरे से नकारा
RJD के इस न्योते को JDU ने तुरंत खारिज कर दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी RJD के सुझावों या इच्छाओं के हिसाब से काम नहीं करती है। उन्होंने कहा कि JDU को केवल अपनी विचारधारा और अपने गठबंधन के सहयोगियों की सोच से मतलब है।

UCC पर JDU का रुख
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद से ही कयासबाजी का दौर जारी है। हालांकि JDU ने इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है। JDU नेतृत्व का कहना है कि UCC के ड्राफ्ट में शामिल प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही पार्टी इस पर अपनी आधिकारिक राय तय करेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी JDU और RJD दो बार (2015-2017 और 2022-2024) मिलकर बिहार में सरकार चला चुके हैं, जिसके बाद नीतीश कुमार पुनः NDA गठबंधन में लौट आए थे।