हमारे भविष्य के साथ घोटाला हुआ है: होटल रांची अशोक के जबरन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धरना

रांची। डोरंडा स्थित होटल रांची अशोक के समक्ष भारत पर्यटन विकास निगम (ITDC) द्वारा जबरन सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आईटीडीसी और झारखंड सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे कर्मचारियों के भविष्य के साथ बड़ा घोटाला करार दिया है।

2020 के एमओयू के बाद भी आईटीडीसी की कार्रवाई पर सवाल
कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे पंकज कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में होटल रांची अशोक के हस्तांतरण के लिए आईटीडीसी और झारखंड सरकार के बीच एमओयू हुआ था। इसके तहत राज्य सरकार ने आईटीडीसी को उसके शेयर की अधिकतम राशि का भुगतान कर दिया था। नियमों के अनुसार राशि लेने के बाद आईटीडीसी अपना मालिकाना हक खो चुकी थी, ऐसे में उसके द्वारा कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त (VRS) किया जाना पूरी तरह गैर-कानूनी और एक बड़ा घोटाला है।

राज्य सरकार की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
धरने में मौजूद सुशील कुमार लाल ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आईटीडीसी कर्मचारियों को एक-एक कर सेवानिवृत्त कर रही थी, तब झारखंड सरकार खामोश क्यों रही? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला राज्य सरकार की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

वहीं जीतू सिंह ने स्पष्ट किया कि होटल संचालन के दौरान सभी निर्णय बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी द्वारा लिए जाते थे। आईटीडीसी द्वारा शेयर राशि लेने के बाद मालिकाना हक बिहार और झारखंड सरकार का बनता था। दोनों ही राज्यों में सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष है और सातवाँ वेतनमान लागू है, फिर कर्मचारियों को 58 वर्ष की उम्र में पाँचवें वेतनमान पर कैसे सेवानिवृत्त किया जा सकता है?

कर्मचारियों की मुख्य माँगे:
समायोजन: जिन कर्मचारियों की उम्र अभी 60 वर्ष पूरी नहीं हुई है, उन्हें तुरंत झारखंड सरकार के विभागों में समायोजित किया जाए।

वेतनमान और एरियर: सभी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुरूप एरियर सहित बकाया भुगतान दिया जाए।

आश्रितों को हक: स्वर्गीय राजन कुमार मिश्रा की पत्नी नीलम मिश्रा ने मांग की कि उनके पति को 58 वर्ष में सेवानिवृत्त किया गया था, इसलिए उनके 2 वर्ष का बकाया वेतन परिजनों को सौंपा जाए।

प्रदर्शन में मुख्य रूप से पंकज कुमार, सुशील कुमार लाल, अरविंद कुमार, जीतू सिंह और नीलम मिश्रा समेत कई पीड़ित कर्मचारी उपस्थित थे।