यमन में एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव: हूतियों का सऊदी के 4 शहरों पर हमला, 73 घायल

सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक रूप ले चुका है। हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के चार अलग-अलग शहरों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 लोग घायल हो गए। इस कार्रवाई के तहत अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, किंग खालिद एयरबेस और प्रमुख तेल कंपनी अरामको के कुछ ठिकानों को निशाना बनाए जाने की सूचना है।

यह हमला यमन के अल-हज्म शहर स्थित एक जेल पर हुई एयरस्ट्राइक के ठीक बाद देखने को मिला है। हूतियों का दावा है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किए गए उस हमले में एक बच्चे समेत 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 35 से अधिक लोग अब भी मलबे में दबे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सऊदी नीत गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाना देश की संप्रभुता पर सीधा हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खतरे से निपटने के लिए गठबंधन जल्द ही ठोस सैन्य कार्रवाई के जरिए इसका करारा जवाब देगा।

वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र के प्रयास से हुए संघर्षविराम के बाद बड़े स्तर की हिंसा पर काफी हद तक लगाम लग गई थी, लेकिन क्षेत्रीय रणनीतिक खींचतान के चलते स्थिति पुनः बेकाबू हो गई है। हालिया विवाद की मुख्य वजहों में शामिल हैं:

  • विमान लैंडिंग विवाद: ईरान से लौट रहे हूती नेताओं के विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोक दिया गया, जिसके बाद रनवे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसके जवाब में हूतियों ने समुद्री नाकेबंदी की चेतावनी दी थी।
  • क्षेत्रीय नियंत्रण की होड़: लाल सागर के तटीय इलाकों और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों पर हूती विद्रोही अपना कब्जा बरकरार रखना चाहते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार सऊदी अरब के सहयोग से अपने पूर्व क्षेत्रों को वापस पाने का प्रयास कर रही है।

सन 2015 से चले आ रहे इस लंबे सैन्य संघर्ष के कारण वर्तमान में यमन दो हिस्सों में बंटा हुआ है। उत्तरी यमन के बहुतायत हिस्सों पर हूतियों का वर्चस्व है, जबकि दक्षिणी क्षेत्र पर सऊदी समर्थित सरकार का नियंत्रण बना हुआ है।