CGL परीक्षा पर विरोधाभासी शपथपत्र को लेकर घिरी हेमंत सरकार, भाजपा ने दागे तीखे सवाल

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा मामले में भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर झारखंड उच्च न्यायालय को विरोधाभासी शपथपत्र (Affidavit) सौंपकर गुमराह करने का आरोप लगाया है।

भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार का रुख खुद संदेह के घेरे में है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले सीआईडी जांच के आधार पर राज्य सरकार ने परीक्षा को क्लीन चिट दी थी और प्रश्न पत्र लीक होने की बात को महज अफवाह या गेस पेपर बताया था। लेकिन अब उसी सीआईडी की दूसरी जांच के आधार पर अभ्यर्थियों की गिरफ्तारियां हो रही हैं और लाखों रुपये में सीटों के सौदे का खुलासा हो रहा है।

अदालत में दो अलग-अलग स्टैंड
प्रतुल ने आरोप लगाया कि सीआईडी की दूसरी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने उच्च न्यायालय में नया एफिडेविट दाखिल कर स्वीकार किया कि ‘परीक्षा की पवित्रता नष्ट हुई है’। उन्होंने कहा कि एक ही विषय पर न्यायालय में दो अलग-अलग और विरोधाभासी रुख अपनाना बेहद गंभीर मामला है।

सीआईडी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जिन सीआईडी अधिकारियों ने पहली जांच में परीक्षा को क्लीन चिट दी थी और सरकार से गलत शपथपत्र दाखिल करवाया, उन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को दबाने (कवर-अप) के खेल में शामिल है।

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