NEET UG पेपर लीक आंदोलन के बाद CJP ने केंद्र सरकार को फिर दी चेतावनी, FIR वापस लेने और छात्रों की रिहाई की मांग

नई दिल्ली। NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने तथा हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आंदोलन के दौरान किए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया, तो वह दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने से पहले केंद्र सरकार की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और स्वयंसेवकों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि संगठन सरकार की ओर से किए गए इस वादे के पालन पर लगातार नजर बनाए हुए है और केंद्र के साथ-साथ भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों से भी इसी प्रतिबद्धता का पालन करने की अपेक्षा करता है।

रांका ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन का उल्लंघन किया जा रहा है। उनके अनुसार बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली सहित कई राज्यों में आंदोलन से जुड़े छात्रों और स्वयंसेवकों को निगरानी तथा कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए और भविष्य में किसी भी छात्र या स्वयंसेवक के खिलाफ नया मामला दर्ज न किया जाए।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रहती, तो CJP फिर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

इस बीच छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने दावा किया कि बिहार सहित कई राज्यों में अब भी बड़ी संख्या में छात्र जेल में बंद हैं, जबकि सरकार ने कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था।

उधर, आंदोलन समाप्त होने के बाद CJP एक नए विवाद में भी घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में संगठन के कुछ नेता पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते और नाचते हुए दिखाई दिए। इसके बाद सोशल मीडिया पर संगठन की आलोचना शुरू हो गई।

हालांकि, CJP नेता सौरव दास ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि नई पीढ़ी का आंदोलन करने का तरीका अलग है। उनके अनुसार युवा नाचते-गाते हुए भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकते हैं और इससे उनके आंदोलन या संघर्ष की गंभीरता कम नहीं होती।