मुंबई एयरपोर्ट की ड्यूटी-फ्री दुकानों में निकोटीन पाउच की बिक्री को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। भारतीय ड्रग्स विभाग के निरीक्षण में दावा किया गया कि बिना आवश्यक लाइसेंस और मंजूरी के निकोटीन पाउच बेचे जा रहे थे।
भारत में निकोटीन को ड्रग की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (CDSCO) ने इसे केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि ड्रग कानूनों के गंभीर उल्लंघन का मामला बताया है।
इस वीडियो में जानिए:
क्या है पूरा मामला?
निकोटीन पाउच पर भारतीय कानून क्या कहता है?
ड्यूटी-फ्री दुकानों के लिए नियम क्या हैं?
जिम्मेदारी किसकी बनती है?
इस विवाद का एयरपोर्ट और ड्यूटी-फ्री कारोबार पर क्या असर पड़ सकता है?
Disclaimer: यह वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों एवं रिपोर्टों पर आधारित विश्लेषण है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकरणों के अधीन होगा।

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