रांची: झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से सोमवार को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (ATI) के सभागार में ‘हिंदी दिवस’ के अवसर पर एक भव्य व्याख्यान एवं काव्यपाठ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विभागीय सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा कि सुशासन की असली ताकत सरल भाषा, सुगम प्रक्रियाओं और पारदर्शी व्यवस्था में निहित है। जब सरकारी कामकाज की भाषा आम नागरिकों की समझ में आती है, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर पहुंचता है।
कार्यालयों में जटिल प्रक्रियाओं को खत्म करने पर जोर
विभागीय सचिव ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने दैनिक कामकाज में क्लिष्ट एवं जटिल शब्दों के बजाय सीधी और सरल हिंदी अपनाएं। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल, ऑनलाइन सेवाओं, समयबद्ध निष्पादन और पारदर्शी कार्यशैली से ही शासन के प्रति आम जनता का विश्वास मजबूत होता है।
हिंदी केवल भाषा नहीं, जनसरोकार का माध्यम: विद्वान
समारोह के दौरान आयोजित व्याख्यान में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वानों और साहित्यकारों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी देश की विविध लोकभाषाओं और बोलियों को आत्मसात करने वाली एक समावेशी भाषा है। इसने न केवल स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पूरे देश को एकसूत्र में पिरोने का काम किया, बल्कि आज के डिजिटल और वैश्विक दौर में भी यह भविष्य की भाषा के रूप में तेजी से उभर रही है।
रांची में धूमधाम से मना हिंदी दिवस: ATI सभागार में भव्य व्याख्यान और काव्यपाठ का आयोजन, विद्वानों ने हिंदी को बताया जनसरोकार और राष्ट्रीय एकता की भाषा
देशभक्ति और समकालीन मुद्दों पर कवियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्यपाठ का आयोजन हुआ, जिसमें प्रख्यात कवियों और साहित्यकारों ने सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभक्ति, प्रकृति और सांस्कृतिक विविधता पर अपनी सशक्त रचनाएं पेश कीं।
इन प्रमुख हस्तियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति:
प्रमुख विद्वान व कवि: डॉ. जिंदर सिंह मुंडा (अध्यक्ष, पीजी हिंदी विभाग, DSPMU), डॉ. केदार सिंह (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, VBU), डॉ. वंदना टेटे (प्रख्यात कवयित्री व लेखिका), डॉ. सावित्री बड़ाईक (सहायक प्राध्यापक, SS मेमोरियल कॉलेज) एवं डॉ. कुमारी उर्वशी।
प्रशासनिक अधिकारी: उप सचिव संजय रजक (जिन्होंने स्वागत संबोधन दिया), संयुक्त निदेशक आसिफ हसन, इश्तियाक अहमद, ATI की अपर निदेशक सीमा सिंह एवं श्रीमती शालिनी खलखो।
समारोह का समापन राजभाषा हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार, संवर्धन और इसे प्रशासनिक कार्यों में व्यावहारिक रूप से लागू करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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