रांची: होटल रांची अशोक के जबरन सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारियों ने राज्य सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 20 अगस्त के बाद होटल के मुख्य द्वार पर अर्ध-नग्न प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
कर्मचारियों का दर्द: कर्मचारी प्रतिनिधि पंकज कुमार ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार की खामोशी से वे आहत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड सरकार के साथ समझौता (MoU) के बाद आईटीडीसी (ITDC) को कर्मचारियों के भविष्य का फैसला करने और होटल की संपत्ति में बदलाव का अधिकार किसने दिया।
- ITDC पर सवाल: सुशील कुमार लाल ने आरोप लगाया कि 2020 में होटल हस्तांतरण के लिए MoU होने के बाद ITDC का होटल पर कोई मालिकाना हक नहीं बचा था, फिर भी कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा निर्णय लिया गया।
- प्रमुख मांगें: कर्मचारी प्रतिनिधि जीतू सिंह ने कहा कि वे शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं। उनकी मांग है कि:
- 60 वर्ष से कम उम्र वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार में समायोजित किया जाए।
- 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के तहत दो साल का बकाया वेतन और एरियर का भुगतान किया जाए।
इस प्रेस विज्ञप्ति को सुशील कुमार लाल, अरविंद कुमार, पंकज कुमार, जीतू सिंह और नीलम मिश्रा (स्व. राजन कुमार मिश्रा की पत्नी) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है।

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