रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। CID की टीम इससे पहले भी उनसे कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी और उनके कांके रोड स्थित आवास व JPSC कार्यालय में छापेमारी कर परीक्षा से जुड़े कई डिजिटल और दस्तावेजी रिकॉर्ड खंगाल चुकी थी।
मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तारी: पूर्व अध्यक्ष से 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, आउटसोर्स एजेंसियों के चयन और परीक्षा संचालन में आयोग के फैसलों से संबंधित गंभीर सवाल पूछे जा रहे थे।
- अब तक कई गिरफ्तारियां: JPSC मामले में CID की जांच काफी तेज हो गई है। आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत मामले में अब तक 11 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
- ED की भी एंट्री: कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी CID की FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।
- छात्रों का उग्र आंदोलन: JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ राज्य भर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है और वे निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
- राज्य के मुख्य सचिव रह चुके है: एल. खियांग्ते झारखंड में मुख्य सचिव रह चुके हैं। सेवानिवृति के बाद ही उन्हें जेपीएससी का अध्यक्ष बनाया गया था।
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को इस पूरे विवाद में CID की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

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