रांची, 5 मई 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने पुलिस प्रशासन को पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की पहचान कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों पर फोकस
सीएम सोरेन ने लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए। सरकार का लक्ष्य राज्य में भयमुक्त वातावरण बनाना है।
नशा कारोबार पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के कारोबार से जुड़े अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन स्थानों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां इसकी खरीद-बिक्री होती है।
स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की भीड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा गया।
अफीम की खेती पर सख्ती
राज्य में अवैध अफीम की खेती को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। खासतौर पर खूंटी, चतरा और रांची जिलों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया। साथ ही, लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस-जनता समन्वय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के एसपी, डीएसपी और अन्य अधिकारी नियमित रूप से जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस अधिकारियों के दौरे बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का विश्वास मजबूत हो।
संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई
सीएम सोरेन ने स्पष्ट कहा कि संगठित अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन को हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सख्ती से कार्रवाई की जाए।
भू-माफियाओं को नहीं मिलेगा संरक्षण
मुख्यमंत्री ने भूमि विवादों और भू-माफियाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में उन्हें संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों में भूमि संबंधी अपराधों पर विशेष निगरानी रखने और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, उन्होंने हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मौत की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा समेत सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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