नौकरी पर संकट: परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ रांची में 2700 नवनियुक्तों का महाप्रदर्शन

रांची, 20 अगस्त 2026: झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक संकट में बदल गया है। परीक्षा रद्द करने और जांच के सरकारी आदेश के खिलाफ आज करीब 2,700 नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने राज्य सचिवालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। इन युवाओं ने हाल ही में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को पास कर सरकारी नौकरी हासिल की है।

ताजा घटनाक्रम और अभ्यर्थियों की मांगें

  • अधिसूचना वापसी की मांग: प्रदर्शनकारी युवाओं ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का कड़ा विरोध किया।
  • जांच का विरोध: उन्होंने 23 अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश को वापस लेने की मांग की।
  • योग्यता का दावा: अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पूरी निष्पक्षता और कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की है। बिना किसी ठोस सबूत के उनकी नियुक्तियों पर संकट खड़ा करना उनके भविष्य से खिलवाड़ है।

आंदोलन और फैसले की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद पिछले करीब एक महीने से सुलग रहा था।

  • छात्रों का आंदोलन: कथित पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्र संगठन पिछले 25 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे थे।
  • सरकार का बैकफुट पर आना: छात्रों के चौतरफा दबाव के बाद राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य की जांच कराने की अधिसूचना जारी कर दी।
  • नया संकट: सरकार के इस फैसले ने जहां आंदोलनकारी छात्रों को शांत किया, वहीं दूसरी ओर नौकरी पा चुके 2,700 से अधिक युवा अब अपनी नौकरी बचाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं।

सचिवालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। नौकरी पा चुके अभ्यर्थियों और परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाले छात्रों के बीच पैदा हुए इस सीधे टकराव ने अब सरकार के सामने ‘एक तरफ कुआँ, दूसरी तरफ खाई’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।