सूरत/लखनऊ: हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या की जांच कर रही यूपी एसटीएफ हत्यारों को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने शाहजहांपुर में छापा मारा है। इससे पहले इस हत्याकांड की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने संदेह जताया था कि सूरत के रहने वाले दो हत्यारे नेपाल भाग गए हैं। इस बीच यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हत्या के आरोपी फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
गला रेतकर कमलेश की हत्या, फिर गोली मारी
सूरत के लिंबायत इलाके के रहने वाले फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की गला रेतकर हत्या कर दी थी। ये लोग सूरत से खरीदे गए मिठाई के डिब्बे में पिस्तौल और चाकू छिपाकर ले गए थे। गुजरात एटीएस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मोइन और अशफाक ट्रेन से कानपुर गए थे और वहां से फिर दोनों आरोपी 16 अक्टूबर को टैक्सी लेकर लखनऊ गए। लखनऊ में वे खालसा इन होटल में रुके। लखनऊ पुलिस ने इसी होटल के कमरे से भगवा कपड़ा बरामद किया है। यही कपड़ा पहनकर हत्यारे कमलेश तिवारी के घर गए थे।
"गुजरात में जो तीन आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें हम रिमांड पर यहां (लखनऊ) ला रहे हैं। बिजनौर में भी दो मौलाना को हमने पुलिस हिरासत में लिया है और उनसे हमारी टीम निरंतर पूछताछ कर रही है। छोटी-छोटी चीजों को हम जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कोई भी पहलू अनछुआ ना रह जाए।"
-ओपी सिंह
एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, 'गूगल के जरिए उन्हें कमलेश तिवारी का घर मिल गया। हत्यारों ने 16 अक्टूबर की आधी रात को कमलेश तिवारी को फोन किया और कहा कि वे उनसे दिवाली का आशीर्वाद लेना चाहते हैं और इसके लिए वे सूरत की प्रसिद्ध मिठाई लेकर आए हैं।' अगले दिन ये लोग तिवारी के घर पहुंच गए और गला रेतकर हत्या कर दी। हत्यारों ने कमलेश तिवारी को गोली भी मारी।
हत्यारों का पूरा परिवार सदमे में
गुजरात एटीएस ने मामले को सुलझाते हुए मोइन के भाई राशिद और दो अन्य लोगों मौलाना मोहसिन शेख ओर फैजान मेंबर को शनिवार की अल सुबह सूरत से अरेस्ट कर लिया। यही नहीं इन तीनों के परिवार वालों को एटीएस ने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। अब तक इस मामले में कुल 6 लोगों को अरेस्ट किया गया है। इस बात का पूरा संदेह है कि यह हत्या ईशनिंदा से जुड़ी हुई है।
जांच में यह भी पता चला है कि फरीद और उसका मित्र अशफाक 16 अक्टूबर को यह कहकर अपने घर से निकले थे कि वे पंजाब जा रहे हैं। इस हत्याकांड में दोनों का नाम सामने आने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। परिवार का कहना है कि दोनों लड़के निर्दोष हैं और सूरत में एक साधारण सी जिंदगी जी रहे थे। यही नहीं राशिद के तीसरे भाई सईद की अगले महीने शादी है। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था। परिवार ने बताया कि मोइन अपनी पत्नी से अलग रह रहा था।