राजस्‍थान : स्पीकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो सचिन पायलट ने कैविएट दाखिल किया

:: न्‍यूज मेल डेस्‍क ::

जयपुर: राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सियासी शह-मात के खेल ने नया दांव खेला है। स्पीकर डॉ. सीपी जोशी के सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने के बाद पायलट ने भी कैविएट दायर कर दी है। पायलट ने इसके जरिए कोर्ट से याचिका की है कि जब तक विधायकों पर सुनवाई न हो जाए, स्पीकर डॉ. जोशी की याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाए। मंगलवार को हाई कोर्ट ने बागी विधायकों पर कोई एक्शन लेने पर रोक लगा दी थी और इसके बाद स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। स्पीकर एसएलपी पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। इससे पहले पायलट ने 35 करोड़ रुपए मांगने के आरोप लगाने वाले कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को भी कानूनी नोटिस भेजा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निकम्मा और नकारा वाले बयान और कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों के बाद सचिन पायलट ने न सिर्फ चुप्पी नहीं तोड़ी बल्कि अब एक्शन में आ गए है। पायलट ने खुद पर भाजपा में जाने के लिए धन की पेशकश करने का आरोप लगाने वाले कांग्रेसी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा से एक रुपये और लिखित माफी की मांग की है।

पायलट ने अपने वकील के जरिये मलिंगा को सात दिन के भीतर प्रेस में लिखित मांफी मांगने का एक कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है,‘हमारे मुवक्विल पर झूठे और तथ्यहीन आरोप लगाने के लिये इस नोटिस की प्राप्ति के सात दिन में हमारे मुवक्किल को राशि एक रूपया चुकाने और प्रेस के समक्ष लिखित माफी मांगने की मांग करते हैं।' नोटिस के अनुसार यदि मंलिगा लिखित माफी नहीं मांगते हैं और राशि नहीं चुकाते हैं तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मलिंगा ने सोमवार को आरोप लगाया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने उनसे पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने के बारे में चर्चा की थी और इसके लिए धन की पेशकश भी की थी। पायलट ने इस आरोप को 'आधारहीन व अफसोसजनक' बताते हुए खारिज कर दिया था और कहा कि विधायक से यह बयान दिलवाया गया है और वह उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे। कांग्रेस गहलोत सरकार को गिराने के षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में पायलट को उनके पदों से हटा चुकी है।

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