बांगलादेश में मोदी के बयान पर चुटकियां : मोदी को किसने जेल भेजा था, भारत ने या पाकिस्‍तान ने?

:: न्‍यूज मेल डेस्‍क ::

बांग्‍लादेश में सत्‍याग्रह वाले बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से सोशल मीडिया में जबरदस्‍त विवाद में घिर गए लगते हैं।  पीएम मोदी ने दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे पर ढाका में हुए एक प्रोग्राम में कहा था, “बांग्लादेश की आजादी के लिए उस संघर्ष में शामिल होना मेरे जीवन के पहले आंदोलनों में से एक था। मैं तब 20-22 साल का रहा होऊंगा, जब मैंने व मेरे कई साथियों ने बांग्लादेश के लोगों की स्वतंत्रता के लिए सत्याग्रह किया था। बांग्लादेश की आजादी के सपोर्ट में तब मैंने गिरफ्तारी भी दी थी और जेल भी गया था।”

मोदी के इस बयान को लेकर माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर पर कोहराम मचा है, आम से लेकर खास तक दो धड़ों में बंटे दिख रहे हैं। हमलावरों में कई दिग्‍गज नाम हैं तो समर्थन भी मिल रहा है। 

शशि थरूर बोले, 'हमारे पीएम बांग्‍लादेश को भारतीय फेक न्‍यूज का मजा चखा रहे हैं।  हर किसी को मालूम है कि बांग्लादेश किसने आजाद कराया था।' छत्तीसगढ़ कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से तंज कसते हुए कहा गया, “हड़प्पा की खुदाई में चाय के बर्तन मिले थे। आपको पता ही होगा, कहां से आए थे?”
वहीं, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने पूछा, 'बांग्लादेश की आज़ादी में भारत सरकार तो बांग्लादेश के साथ थी। युद्ध तो पाकिस्तान से हो रहा था फिर मोदी जी को जेल भेजा किसने? भारत ने या पाकिस्तान ने?' 

 वैसे, यह पहला मामला नहीं है, जब मोदी अपने दावे को लेकर विवाद में घिरे हैं। कुछ उदाहरण पेश हैं-  2003 में उन्‍होंने बापू का पूरा नाम 'मोहन लाल करमचंद गांधी' कहा था। कर्नाटक के बीदर में मोदी का एक बयान था जिसमें उन्‍होंने कहा था कि जब भगत सिंह जेल में थे तो कांग्रेस का कोई नेता उनसे मिलने नहीं गया। 2013 में मोदी ने एक रैली में बताया कि तक्षशिला बिहार में है, जबकि यह पाकिस्‍तान में है। गुजरात चुनाव के वक्‍त मोदी ने कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर के घर एक बैठक की जानकारी देते हुए बताया था कि उसमें मनमोहन सिंह, हामिद अंसारी, पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त व पूर्व विदेश मंत्री आये थे। यह कहते हुए मोदी का तर्क था कि पाकिस्‍तान से मदद लेकर अहमद पटेल सीएम बनना चाहते हैं। उस बैठक में मौजूद पर्व सेनाध्‍यक्ष ने मोदी की बात का खंडन करते हुए बताया था कि उस बैठक में ऐसी कोई बात हुई ही नहीं। वह स्‍वयं उस बैठक में मौजूद थे। 2003 में मोदी ने दावा किया था कि देश को जब स्‍वतंत्रता मिली थी तब एक डॉलर एक रूपए के बराबर था। जबकि हकीकत यह है कि एक रूपए महज 30 सेंट के बराबर था। 2013 में मोदी ने दावा किया था कि डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी गुजरात के बेटे थे, जबकि मुखर्जी का जन्‍म कलकत्‍ता में हुआ था। बिहार में एक जनसभा में मोदी ने कहा था सारी दुनिया जीतते हुए सिकन्‍दर जब बिहार के लोगों से टकराया तो हार गया था। सच्‍चाई यह है कि सिकंदर व्‍यास नदी तक पहुंचा था, गंगा तो कभी पार ही नहीं किया था उसने। 

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